राजधानी की 829 कॉलोनियों में हर घर तक नगर निगम का सीधा निजी नल कनेक्शन पहुंचाने की महत्वाकांक्षी योजना फिलहाल ठंडे बस्ते में जाती नजर आ रही है। नगरीय विकास एवं आवास विभाग ने नगर निगम की ओर से भेजे गए 874 करोड़ रुपये के प्रस्ताव को मंजूरी देने से इनकार कर दिया है।
विभाग ने स्पष्ट किया है कि योजना के लिए आवश्यक वित्तीय संसाधनों की व्यवस्था नगर निगम को स्वयं करनी होगी। अब निगम निजी एजेंसी के माध्यम से इस योजना को लागू करने की संभावनाएं तलाश रहा है।
करीब छह महीने पहले महापौर परिषद (एमआईसी) से मंजूर प्रस्ताव शासन को भेजा गया था। विभाग ने वित्तीय स्वीकृति देने से इनकार करते हुए प्रस्ताव वापस भेज दिया। प्रस्ताव लौटने की जानकारी अधिकारियों द्वारा समय पर साझा नहीं किए जाने पर सांसद आलोक अग्रवाल और महापौर मालती राय ने नाराजगी जताई। उनका कहना है कि यह योजना चुनावी घोषणा पत्र का अहम हिस्सा थी।
फिलहाल नगर निगम कॉलोनियों के प्रवेश द्वार तक पानी पहुंचाता है, जबकि कॉलोनी के भीतर जलापूर्ति और पाइपलाइन का संचालन कॉलोनाइजर या रहवासी समिति करती है। नई व्यवस्था में प्रत्येक मकान को नगर निगम से सीधे निजी नल कनेक्शन दिया जाना था। इससे उपभोक्ताओं को अलग जल कनेक्शन और सीधे बिल मिलते, जबकि रखरखाव की जिम्मेदारी भी निगम की होती।
वित्तीय मंजूरी नहीं मिलने के कारण फिलहाल 829 कॉलोनियों में मौजूदा बल्क जल कनेक्शन व्यवस्था ही जारी रहेगी। निजी नल कनेक्शन की सुविधा मिलने में अब और समय लग सकता है।