सरकार ने पानी की तरह बहाए 9500 करोड़, फिर भी आधी उड़ानें हो गईं बंद
Updated on
04-07-2026 03:34 PM
नई दिल्ली: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने शनिवार को उड़े देश का आम नागरिक यानी उड़ान (UDAN) स्कीम के दूसरे चरण मॉडिफाइड उड़ान ( Modified UDAN ) की शुरुआत की। इस संशोधित योजना के लिए अगले 10 वर्षों के लिए 28840 करोड़ रुपये का भारी-भरकम बजट आवंटित किया गया है। लेकिन इसका पहला चरण बहुत ज्यादा सफल नहीं हुआ है।
सरकार की ओर से उड़ान योजना के दूसरे चरण को लॉन्च किए जाने के बीच यह बात सामने आई है कि अब तक शुरू किए गए हवाई रूटों में से लगभग आधे पर कमर्शियल उड़ानें बंद हो चुकी हैं। दूरदराज के इलाकों को जोड़ने की राह में आ रही इस रुकावट के बाद क्षेत्रीय एयरलाइंस ने सरकार से स्लॉट, विमान और नियमों को आसान बनाने की मांग की है।
कितने रूट हैं चालू?
साल 2017 में योजना की शुरुआत से लेकर अब तक चालू किए गए 669 रूटों में से केवल 336 पर ही फिलहाल उड़ानें संचालित हो रही हैं।
सरकार ने टिकटों पर डिस्काउंट देने के लिए एयरलाइंस को सब्सिडी के रूप में लगभग 4700 करोड़ रुपये और दूरदराज के हवाई अड्डों के बुनियादी ढांचे को विकसित करने के लिए 4800 करोड़ रुपये खर्च किए हैं। इसके बावजूद कई रूट बंद हो गए।
रूट बंद होने के 2 बड़े कारण
1. सब्सिडी खत्म होना: पहले चरण में एयरलाइंस को केवल 3 साल के लिए सब्सिडी मिलती थी। अवधि खत्म होते ही रूट घाटे में चले गए। उदाहरण के लिए कर्नाटक के बीदर और कलबुर्गी में 'स्टार एयर' की दैनिक उड़ानें सब्सिडी खत्म होते ही बंद हो गईं। 2. एयरलाइंस का दिवालिया होना: इन रूटों पर काम करने वाली कई छोटी एयरलाइंस या तो दिवालिया हो गईं या उन्होंने अपना परिचालन समेट लिया।
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